विद्या वाचस्पति, विद्या सागर एवं पट्टाभिषेक

 


परिवर्तन योगेश संस्थान अपने महर्षि सत्य सनातन हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा विद्या वाचस्पति एवं विद्या सागर मानद सम्मान प्रेषित करता है। आपका सनातक/समकक्ष, राजभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने वाला होना अनिवार्य है। आप लेखक, कवि, अध्यापक, पत्रकार, समाज सेवक हों, आपका कला-संस्कृति के क्षेत्र में योगदान हो, आपने कोई शोध कार्य किया हो, आप राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त हों तो आप इस सारस्वत सम्मान के पात्र हैं। विद्या वाचस्पति विद्यापीठों एवं गुरुकुलों द्वारा दिया जाने वाला एक मानद सम्मान होता है जो पीएचडी समतुल्य कहलाता है। विद्या वाचस्पति प्राप्तकर्ता ही विधा सागर मानद सम्मान प्राप्त कर सकते हैं, जिसे डी लिट समतुल्य कहते हैं। परिवर्तन योगेश संस्थान की सदिच्छा कि ऐसे सम्मान पत्र देने के नाम पर लाखों रु वसूलने वाले उद्द्यमों से लोगों को राहत मिले। 

महर्षि सत्य सनातन हिन्दी विद्यापीठ परिवर्तन योगेश संस्थान के महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा का ही उपखण्ड है जिसकी पंजीकरण संख्या वाराणसी मंडल IV 25026 है।  पंजीकृत पता : न्यूमहाल, लाट-2, मुगलसराय, वाराणसी मंडल, जिला चंदौली, उत्तर प्रदेश है। प्रशासनिक कार्यालय : श्री माधव सदन, 17/30 तिलक नगर, नई दिल्ली-18 है।
विद्या वाचस्पति (पीएचडी समतुल्य) मानद सम्मान डेमो 


विद्या सागर (डी लिट समतुल्य) मानद सम्मान डेमो 


निति निर्देश :

1 विधा वाचस्पति एवं विद्या सागर मानद सम्मान के परिवर्तन योगेश संस्थान की सुदर्शन सभाओं में देय होंगे। 
2 यह मानद सम्मान परिवर्तन योगेश संस्थान के महर्षि सत्य सनातन हिन्दी विद्यापीठ की कुल समिति द्वारा देय होंगे। 
3 यह मानद सम्मान हमारे पौराणिक श्रेष्ठ सम्मान हैं जोकि सांस्कृतिक कार्यक्रम में ही देय हैं। 
4 विधा वाचस्पति एवं विद्या सागर, गैर शैक्षणिक मानद सम्मान हैं नाकि शैक्षणिक डिग्री। 
5 विधा वाचस्पति एवं विद्या सागर केवल मानद सम्मान हैं जोकि पीएचडी एवं डी लिट समतुल्य कहलाते है।
6 इन मानद सम्मानों का प्रयोग आप सार्वजनिक जीवन में स्वयं को मानद डॉक्टर समझ कर सकते हैं परन्तु इनसे कोई भी प्रशासनिक लाभ नहीं उठाया जा सकता है। 

चयन प्रक्रिया :

यदि आप स्वयं को इस मानद सम्मान के योग्य पाते हैं तो हमें बताएं कि राष्ट्र, संस्कृति, भाषा, साहित्य, समाज, कला, शिक्षा इत्यादि के क्षेत्र में आपने ऐसा क्या विलक्षण कार्य किया है जोकि आपको यह मानद सम्मान दिया जाए। यदि आपको चयनित कहा जाता है तो शुल्क राशि को जमा करवाएं। आपको एक कार्य दिवस पर चयन पत्र जारी होगा। 2 दिवस के अंतगर्त आपके मानद सम्मान की छवि आपके व्हाट्सप्प पर प्रेषित होगी व घोषित तिथि को आप यह मानद सम्मान लेने के लिए नियत स्थान पर समयानुसार संस्थागत सुदर्शन सभा में उपस्तिथ होंगे। 

देय सामग्री : पटका, चयन पत्र, सम्मान पत्र, मैडल एवं स्मृति चिन्ह (मोमेंटो)

सुदर्शन सभा दृश्य :


विगत दिनों बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय में हुई सुदर्शन सभा दृश्य :




महर्षि सत्य सनातन अखाड़े द्वारा पट्टाभिषेक संस्कार

महंत अथवा महामंडलेश्वर : 

महर्षि सत्य सनातन अखाड़े के अंतगर्त महंत एवं महामंडलेश्वर एक सर्वोच्च पद/उपाधि है। विवाह संस्कार की तरह पट्टाभिषेक संस्कार भी एक सनातन पद्धति है। इस पद हेतु आपका राष्ट्र व धर्म के प्रति समर्पण एवं अनुशासित होना अनिवार्य है। पट्टाभिषेक संस्कार में व्यय होता है। अपने विषय में सम्पूर्ण परिचय देकर हमें आश्वस्त करें। 

पट्टाभिषेक खर्च न्यूनतम 1 लाख 51 हज़ार रु + 1 लाख रु दक्षिणा 

परिवर्तन योगेश संस्थान द्वारा महर्षि सत्य सनातन अखाड़े की स्थापना इसलिए की गई है कि तांकि अन्य अखाड़ों द्वारा अयोग्य जनों को पैसे के लालच में दी जाने वाली पद/उपाधियों पर अंकुश लगाया जाये। पट्टाभिषेक संस्कारों पर अवश्य व्यय होता है परन्तु इतना नहीं कि लाखों करोड़ों वसूले जाएँ।

महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-1)


महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-2)


महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-3)


महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-4)


महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-5)


महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा - महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संस्कार (भाग-6)






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