Programme
37वीं सुदर्शन सभा 14 जून 2026 को बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) में : राष्ट्र, संस्कृति व समाज हित समर्पित संस्थान "परिवर्तन योगेश" अपने महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा सहित 37वीं सुदर्शन सभा बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) में आयोजित कर रहा है। 14 जून 2026 की यह ऐतिहासिक सुदर्शन सभा ॐ रुद्राक्ष दीक्षा, पट्टाभिषेक संस्कार, पुस्तक विमोचन, उपाधि, सम्मान प्रेषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित संपन्न होगी।
परिवर्तन योगेश संस्थान परिचय : नीति आयोग द्वारा मानित राष्ट्र, संस्कृति व समाज हित समर्पित राष्ट्रीय संस्था परिवर्तन योगेश : राम मंदिर के नारे, सनातन एवं प्रखर बाल साहित्य निर्माण, मासिक डिजिटल पत्रिका अमर संदेश, भारत माता बाल संस्कारशालाएँ, माँ रोटी बैंक, अनवरत राम-कृष्ण-वन्देमातरम आदि परीक्षाएं, एम्बेसडर भारत पद्मश्री डॉ. विजयकुमार स्वरूपचंद शाह, सनातन विश्व को प्रथम ॐ चालीसा एवं गौ माता चालीसा, सह संगठन : काशी हिन्दी विद्यापीठ, महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा व धर्म जागरण संस्थान धर्मार्थ ट्रस्ट।
1 बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की सुदर्शन सभा 14 जून 2026 को सुबह 11 बजे से लेकर सांय 7 बजे तक के. एन. उडुपा सभागार में होगी।
2 दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक भोजन प्रसाद BHU के अन्नपूर्णा भोजनालय में होगा जोकि सभागार के निकट है।
3 सांयकालीन जलपान की व्यवस्था सभागार में ही होगी।
4 किसी भी अतिथि हेतु हमारी और से कोई भी रहने की व्यवस्था नहीं दी जाएगी।
5 कार्यक्रम का बजट लगभग 3 लाख 80 हज़ार रु होगा जोकि दक्षिणा स्वरूप एकत्रित होगा।
6 विशेष : महामना की इस बगिया में "भारत रत्न काशी महामना पुरस्कार" विशेष है कि जिसे BHU के कई साइंटिस्ट/प्रोफेसर हमसे प्राप्त कर चुके हैं।
(A) ॐ रुद्राक्ष दीक्षा (1100 रु दक्षिणा)
परिवर्तन योगेश की प्रत्येक सुदर्शन सभा में "महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा के पीठाधीश्वर जी द्वारा ॐ रुद्राक्ष दीक्षा प्रदान की जाती है।
ॐ रुद्राक्ष दीक्षा क्या है ?
यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसके अंतगर्त काशी विश्वनाथ मंदिर से अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला एवं ॐ चालीसा प्रदान किया जाता ।
महत्व :
यह शरीर और मन को शांत रखने, ध्यान में सहायता करने और रुद्राक्ष के माध्यम से एक ऊर्जावान वातावरण बनाने में मदद करता है।
प्रक्रिया:
इसके लिए संस्थागत व्हाट्सप्प 9953175076 अथवा दूरभाष 01135596062 पर अपना पंजीकरण करवाना होता है।
कैसे लें ?
परिवर्तन योगेश की सुदर्शन सभा में पधार कर आप यह दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इस आध्यात्मिक कृत्य के फल हेतु आप स्वैछिक गुरु दक्षिणा देंगे।
कौन ले सकता है ?
यह दीक्षा किसी भी उम्र के महिला, पुरुष या बच्चे ले सकते हैं।
रुद्राक्ष को "शिव के आँसू" माना जाता है, और यह दीक्षा उनके आशीर्वाद और सुरक्षा का अनुभव करने का एक माध्यम है। ॐ चालीसा का पठन मन को नियंत्रित कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है, ॐ रुद्राक्ष दीक्षा पिछले जन्मों के पापों और कर्मों के प्रभाव को कम करने वाली मानी जाती है।
(B) आदर्श चरित्र परीक्षा कृपया व्हाट्सप्प पर परीक्षा लिंक मांग लें।
यह परीक्षा परीक्षार्थीयों के अंक पाने तक निशुल्क है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थी ही "आदर्श चरित्र भारत रत्न" सम्मान के अधिकारी होंगे परन्तु यह सम्मान पत्र केवल बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में ही 14 जून 2026 को संस्थागत कार्यक्रम में प्राप्त होगा, जिसकी सहयोग राशि 3500 रु होगी। ई पत्र की मांग न करें।
वह परीक्षार्थी जिन्हें कार्यक्रम में सम्मिलित होकर "आदर्श चरित्र भारत रत्न" सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह व मैडल सहित प्राप्त करना हो संस्था के व्हाट्सप्प पर अपनी ई मेल + फोटो + नाम + पूरा पता दें व 3500 रु सहयोग राशि देकर अपना सम्मान पत्र पंजीकृत करवा लें।
(C) सम्मान प्रेषण (दक्षिणा 5100 रु) देय : पटका, सर्टिफिकेट, स्मृति चिन्ह एवं मैडल
1 राष्ट्र गौरव श्री सम्मान
2 श्रेष्ठ शिक्षक Award
7 श्री नारद पत्रकार सम्मान
8 परम भूषण अवार्ड
1 तक्षशिला विद्वत्ता सम्मान
(E) उपाधि/सम्मान (दक्षिणा 11000 रु) देय : पटका, सर्टिफिकेट, स्मृति चिन्ह, रुद्राक्ष माला एवं मैडल
1 ज्योतिष रत्न
1 आचार्य पद-उपाधि
परिवर्तन योगेश संस्थान की भारत माता बाल संस्कारशाला योजना के अंतगर्त संस्था में "आचार्य" एक सेवा व सम्मान का पद है। जैसे संघ में शिक्षक का पद, नाकि कोई डिग्री/डिप्लोमा। आचार्य पद प्राप्तकर्ता अपने स्तर पर बालकों को नैतिक शिक्षा-संस्कार देंगे व अपने नाम के साथ आचार्य का पद सम्मान एक उपाधि के रूप में प्रयुक्त करने हेतु अधिकृत होंगे। इस प्रकार हर सभ्रांत भारतीय सरलता से आचार्य बने व देश का बच्चा-बच्चा नैतिक-संस्कारी व देश पर मर मिटने वाला हो, बस यही उद्देश्य है।
1 राष्ट्र संत
3 सद्गृहस्थ संत
(H) पुस्तकों का विमोचन (दक्षिणा 11000 रु) : परिवर्तन योगेश संस्थान की ऐतिहासिक सुदर्शन सभाओं का लाभ आप अपनी पुस्तक विमोचन हेतु कर सकते हैं। आपको मंच मिलता है, कार्यक्रम स्थल मिलता है। अखाड़े के आचार्यों-महामंडलेश्वरों व मुख्य अतिथियों के सानिघ्य सहित दर्शक, तस्वीरें मिलती हैं।
(I) महर्षि सत्य सनातन अखाड़े द्वारा पट्टाभिषेक संस्कार
1 महामंडलेश्वर :
महर्षि सत्य सनातन अखाड़े के अंतगर्त महामंडलेश्वर एक सर्वोच्च पद/उपाधि है। विवाह संस्कार की तरह पट्टाभिषेक संस्कार भी एक सनातन पद्धति है। इस पद हेतु आपका राष्ट्र व धर्म के प्रति समर्पण एवं अनुशासित होना अनिवार्य है। पट्टाभिषेक संस्कार में सीमित - असीमित व्यय हो सकता है।
चयन प्रक्रिया : अपने हेतु सम्मान/उपाधि पत्र चयन करें > संस्थान के व्हाट्सप्प पर संबंधित साक्ष्य दें > सर्टिफिकेट डेमो अनुसार 3/4 लाइन लिख कर दें > अपनी फोटो दें > दक्षिणा जमा करवाएं > मिलने वाले सर्टिफिकेट की छवि जांचें > कार्यक्रम स्थल में अपना स्थान ग्रहण करें।
नोट : हम उन चंद संस्थाओं में से हैं जिन्हें बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सहित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में कार्यक्रम करने की स्वीकृति प्राप्त है। सेवा उद्देश्य यही कि देश में प्रतिभाओं को खोज कर उन्हें ऐतिहासिक स्थलों पर प्रोत्साहित किया जाए।
सुदर्शन सभाओं के कुछ चलचित्र
कार्यक्रम स्थल :
समय सारणी
सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक
1 ॐ रुद्राक्ष दीक्षा 2 सम्मान प्रेषण : तक्षशिला विद्वत्ता सम्मान, विश्व अनमोल रत्न, ब्रह्मऋषि बोध सम्मान पत्र 3 उपाधि प्रेषण : ज्योतिष रत्न, कथा भास्कर, आचार्य पद-उपाधि, दीनबंधु उपाधि अलंकरण, भारत उद्योग रत्न, राष्ट्र संत, धर्माचार्य, सद्गृहस्थ संत, 4 महंत पद सम्मान 5 पट्टाभिषेक संस्कार।
दोपहर 2 बजे से सांय 3 बजे तक
भोजन प्रसाद
सांय 3 बजे से सांय 7 बजे तक
1 बौद्धिक 2 पुस्तकों का विमोचन 3 शेष सम्मान प्रेषण भाग क 4 सांस्कृतिक कार्यक्रम 5 शेष सम्मान प्रेषण भाग ख
निर्देश :
परिवर्तन योगेश संस्थान की सुदर्शन सभा वाराणसी, 14 जून 2026 के विषय में दिशा निर्देश :
1. कार्यक्रम स्थल बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में के एन उडुपॉ ऑडिटोरियम है।
2. रेल द्वारा वाराणसी केंट स्टेशन पर उतर कर BHU जाने के लिए यातायात सुविधाएं हैं व रहने हेतु कई होटल हैं।
3. युनिवेर्सिटी के मुख्य गेट को लंका गेट कहते हैं व इसी गेट से आपकी एंट्री है।
4. लंका गेट में घुसते ही पैदल 2 मिनट चलकर आप ऑडोटोरियम में आ सकते हैं।
5. आप अपने संग एक अतिथि ला सकते हैं।
6. आप दोपहर 2 से 3 बजे तक भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे।
7. कार्यक्रम सुबह 11 बजे से प्रारम्भ होकर सांय 7 बजे तक चलने की संभावना है।
कार्यक्रम स्थल : बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) लंका मार्ग, लंका गेट, के एन उडुपॉ ऑडिटोरियम, वाराणसी, उत्तर प्रदेश




































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