परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) द्वारा आयोजित होती सुदर्शन सभाओं में साधु, सन्त, महात्मा, गृहस्त, भक्त, आचार्य विचार के विभिन्न साधकों और सनातनियों के एक साथ सम्मलित होने पर परिवर्तन योगेश के ट्रस्टियों द्वारा दिनांक 10 अक्टूबर 2023 को एक व्यवस्था प्रबंधन और भारतीय संविधान पालना के साथ संकल्पित आचार-विचार के लिए दायित्व, कर्तव्य, आचरण प्रबंधन, नीति, नियत और व्यवस्था संपादन हेतु निर्देशित कर्तव्य पालना की सनातन-संस्कृति सेवा कार्य योजना को "महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा" का नाम देकर इसके लिए एक आंतरिक नीति निर्देशिका जारी की है जो ट्रस्ट अधिनियम 1882 की धारा 64 के अंतर्गत परिवर्तन योगेश के ट्रस्ट अधिकार क्षेत्र में संचालित होते हुए इस लिखित नीति-नियम और स्वामित्व में संचालित होगी।
(Maharishi Satya Sanatan Akhada – Official Constitution & Internal Regulations) by Privartan Yogesh (Trust) Registration No. :1538, PAN : AAETP2378Q, Niti Ayog NGO DARPAN ID : DL/2019/0246431
प्रथम अध्याय : नाम, स्वरूप एवं उद्देश्य
नियम 1 — परिवर्तन योगेश के अखाड़े का पूरा नाम
“महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा” व पुकार का नाम भी "महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा" होगा।
नियम 2 — स्वरूप
“महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा” एक सनातन वैदिक–परंपरागत संन्यासी ॐ भाव प्रदत्त परिवर्तन योगेश ट्रस्ट द्वारा संचालित सनातन अखाड़ा है, जो धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक तथा वैदिक संस्कृति के संरक्षण हेतु स्थापित और कार्यरत होगा ।
नियम 3 — उद्देश्य
(क) सनातन धर्म की रक्षा एवं संवर्धन
(ख) साधु-संन्यासी, भक्त जीवन की परंपरा का पालन
(ग) धर्म, तप, योग, सेवा और शास्त्रों का प्रसार
(घ) कुम्भ–अर्धकुम्भ–धर्म महोत्सवों में भागीदारी
(ङ) गौ-सेवा, पर्यावरण संरक्षण, समाज कल्याण
(च) मानवता और राष्ट्रधर्म की सेवा
(छ) ॐ भाव व मानवीय संवेदनाओं की भक्ति
द्वितीय अध्याय : सिद्धांत
नियम 4 — मूल सिद्धांत
सत्य, अहिंसा, दया, ब्रह्मचर्य, सेवा, तपस्या, त्याग, करुणा, अनुशासन और गुरु परंपरा।
नियम 5 — अखाड़ा धर्म
सभी साधु, सन्त, गृहस्त और भक्त अखाड़े के धर्म और मर्यादा का पालन करेंगे; किसी भी स्थिति में अखाड़े की प्रतिष्ठा को क्षति नहीं पहुँचाई जाएगी।
तृतीय अध्याय : सदस्यता एवं दीक्षा
नियम 6 — सदस्यता के प्रकार
(क) ब्रह्मचारी
(ख) संन्यासी
(ग) भक्त
(घ) स्थायी/जीवन सदस्य
(ङ) विशिष्ट अतिथि साधु (Guest Monk)
नियम 7 — सदस्य बनने की पात्रता
* परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) की सदस्यता व शपथ पत्र
* आयु 18 वर्ष से अधिक
* चरित्र शुद्ध
* नशामुक्त
* किसी गंभीर अपराध में संलिप्त न हो
* सनातन धर्म और अखाड़े के सिद्धांतों में आस्था
नियम 8 — प्राथमिक दीक्षा
ॐ मंत्र, गुरु परंपरा का व्रत-आचरण, संन्यासी, सत्य सनातन जीवन की तैयारी, राष्ट्र भक्ति, वन्दे मातरम में वैधानिक आस्था
नियम 9 — संन्यास दीक्षा
गेरुआ व सादा वस्त्र, नाम-परिवर्तन, साधु जीवन की शपथ, अनुशासन।
नियम 10 — दीक्षा (वैकल्पिक)
पूर्ण त्याग, राष्ट्र रक्षा व मानवीय सेवा हेतु युद्ध-कला का प्रशिक्षण, गहन तप।
चतुर्थ अध्याय : पद संरचना (Hierarchy)
नियम 11 — सर्वोच्च पद
(क) संस्थापक - परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट)
अखाड़े का सर्वोच्च प्रशासनिक प्रमुख।
(ख) पीठाधीश्वर
अखाड़े का आध्यात्मिक प्रमुख।
नियम 12 — पदक्रम (Hierarchy Order)
1. आचार्य महामंडलेश्वर
2. महामंडलेश्वर
3. आचार्य
4. श्रीमहंत / अखंड महंत
5. महंत
6. मठाधीश / गद्दीपति / थानापति
7. वेदाचार्य / योगाचार्य / सभापति
8. सनातन सेवादार
9. साधु / संन्यासी
10. ब्रह्मचारी
11 कथावाचक
नियम 13 — पदों की अवधि
सभी पद आजीवन, अवैतनिक परंतु अनुशासन भंग होने पर स्वतः समाप्त हो पद प्रतिष्ठा व अधिकार मुक्त हो जायेगे अथवा अखाड़ा द्वारा हटाए भी जा सकते हैं।
नियम 14 — पंच समिति का गठन
अखाड़े के पाँच वरिष्ठ संन्यासी—
इन्हें सभी साधुओं अथवा संस्थापक की सहमति से चुना जाएगा।
नियम 15 — पंच समिति के अधिकार
(क) पदों की नियुक्ति
(ख) अनुशासनात्मक कार्रवाई
(ग) विवाद समाधान
(घ) अखाड़े के नियमों का संरक्षक
(ङ) दंड व प्रायश्चित का निर्धारण
नियम 16 — निर्णय प्रक्रिया
* परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) के नियमानुसार
* महत्वपूर्ण मामलों में पंच समिति व परिवर्तन योगेश मनोनीतगणों के सहमति बहुमत से अथवा संस्थापक निर्णय अनुसार।
नियम 17 — महामंडलेश्वर/इत्यादि पद नियुक्ति नियम/योग्यता
• सनातन भक्ति कम से कम 10 वर्ष
* तपस्या, सेवा, शास्त्रज्ञान
* चरित्र उत्तम
* किसी घोर आरोप से मुक्त
नियम 18 — चयन प्रक्रिया
(क) पंच समिति की सिफारिश अथवा परिवर्तन योगेश संस्थापक का लिखित अनुमोदन
(ख) पीठाधीश्वर का अनुमोदन
(ग) सार्वजनिक पट्टाभिषेक समारोह
नियम 19 — अधिकार
आध्यात्मिक नेतृत्व, धार्मिक कार्यक्रमों का मार्गदर्शन, शाखाओं का पर्यवेक्षण।
नियम 20 — अनिवार्य अनुशासन/अनुशासन नियम (Discipline Code)
• सत्य बोलना
* ब्रह्मचर्य
* मदिरा, मांस, नशीले पदार्थों का त्याग
* चोरी, असत्य, व्यभिचार निषिद्ध
* अखाड़े की मर्यादा सर्वोपरि
नियम 21 — निषिद्ध कार्य
(क) राजनीति में प्रत्यक्ष भागीदारी
(ख) वित्तीय भ्रष्टाचार
(ग) दुराचार
(घ) हिंसा और अपशब्द
नियम 22 — दंड
* प्रायश्चित
* दंडकर्म
* निलंबन
* विश्राम
* स्थायी निष्कासन (सबसे कठोर)
नियम 23 — संपत्ति एवं वित्त प्रबंधन/संपत्ति का स्वरूप
अखाड़ा ट्रस्ट की संपत्ति—परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) के अतिरिक्त किसी साधु का व्यक्तिगत अधिकार नहीं।
नियम 24 — पारदर्शिता
वार्षिक ऑडिट, लेखा पुस्तकें, खर्च का सार्वजनिक रजिस्टर (परिवर्तन योगेश)।
नियम 25 — दान नीति
व्यक्तिगत साधु केवल आस्था दान/दक्षिणा स्वीकार करेगा; बाकी सभी मातृ ट्रस्ट खाते में।
नियम 26 — संपत्ति हस्तांतरण निषिद्ध
अखाड़े की जमीन, भवन, धाम किसी को बेचे या गिरवी नहीं रखे जा सकते।
नियम 27 — शाखाओं की स्थापना/शाखाएँ, मठ एवं संस्थाएँ
देश-विदेश में आश्रम/धाम खोले जा सकते हैं।
नियम 28 — प्रत्येक मठ के प्रमुख
मठाधीश → महंत → महामंडलेश्वर की देखरेख।
नियम 29 — भक्त शाखा/भक्त दीक्षा के नियम
ॐ साधना, तप जप भक्ति की साधना , सनातन परंपरा पालना (नियमित स्थिति में), पूर्ण अनुशासन।
नियम 30 — साधक मर्यादा
ॐ भक्ति भाव : महर्षि सत्य सनातन अखाड़े की “रक्षा शाखा”।
धार्मिक कार्यक्रम एवं शाही स्नान
नियम 31 —ॐ ध्वज व आस्था चिह्न
अखाड़े का अपना झंडा, प्रतीक और नारा होगा।
नियम 32 — शोभायात्रा
अनुशासन, मर्यादा और अखाड़े के क्रम का पालन अनिवार्य।
शिक्षा, साधना और शास्त्र अध्ययन
नियम 33 — अध्ययन अनिवार्य
वेद, उपनिषद, गीता, योग, दर्शन, तंत्र, आयुर्वेद।
नियम 34 — सेवा कार्यक्रम
गौ-सेवा, अन्नक्षेत्र, यज्ञ-हवन, धर्म प्रवचन, ॐ प्रचार सेवा कार्य, भेदभाव रहित मानवीय चेतना सहित उपकार कार्य
अनुशासन भंग मामलों की न्याय प्रक्रिया
नियम 35 — जांच समिति
तीन वरिष्ठ संन्यासियों की समिति।
नियम 36 — सुनवाई अधिकार
अभियुक्त को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर।
नियम 37 — अंतिम निर्णय
परिवर्तन योगेश ट्रस्ट के समक्ष सुनवाई और न्याय समीक्षा फिर पंच समिति द्वारा घोषित निर्णय अथवा संस्थापक निर्णय अंतिम।
सामाजिक एवं राष्ट्रीय कर्तव्य
नियम 38 — गौ-रक्षा, पर्यावरण सेवा
नियम 39 — आपदा राहत सेवा
नियम 40 — राष्ट्रधर्म, संविधान और क़ानून का पालन
आचरण एवं मर्यादा
नियम 41 — वेशभूषा
गेरुआ वस्त्र, कमंडल, रुद्राक्ष/तुलसी, दंड/चिमटा, ॐ माला।
नियम 42 — भाषा
साधु के लिए सत्य, मधुर और मर्यादित वाणी।
नियम 43 — विवाद से दूरी
राजनीतिक या सामाजिक विवाद में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सीमित।
प्रशासनिक संरचना
नियम 44 — महासभा
प्रत्येक वर्ष अखाड़े की वार्षिक महासभा "सुदर्शन महासभा"
नियम 45 — सचिव (कार्यकारी प्रमुख)
अखाड़े के प्रशासन के लिए जिम्मेदार।
कानूनी पंजीकरण
नियम 46
परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) द्वारा स्थापित महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा, भारतीय न्यास अधिनियम 1882 की धारा 64 के अंतगर्त बनाई जाने वाली उपसमिति के रूप में ट्रस्टियों द्वारा अनुमोदित सनानत-संस्कृति सेवा कार्य योजना होगा।
संशोधन प्रक्रिया
नियम 47
संविधान में संशोधन → परिवर्तन योगेश (ट्रस्ट) के अधिकार और नियमानुसार ।
विघटन
नियम 48
अखाड़ा समाप्त होने की स्थिति में संपत्ति धर्मार्थ कार्यों में लगेगी।
अन्य नियम
नियम 49 — गोपनीय नियम
कुछ परंपरागत नियम केवल आचार्य/पंच समिति/संस्थापक के पास रहेंगे।
नियम 50 — अंतिम प्रावधान
जो बातें इस संविधान में न लिखी हों, वे सनातन शास्त्रों और अखाड़े की परंपराओं के अनुसार तय होंगी।
हस्ताक्षर (ट्रस्टी/योजना बोर्ड)
Comments
Post a Comment