Introduction

प रिवर्तन संसार का नियम है यह बात भगवान श्रीकृष्ण ने कही, श्रीकृष्ण योगेश्वर हैं इसलिए इस संस्थान का नाम परिवर्तन योगेश है, जिसकी स्थापना राष्ट्र, धर्म व समाज में ठोस परिवर्तनों हेतु हुई। कुछ ठोस परिवर्तन जो संस्थान द्वारा किये जा रहे हैं वह इस प्रकार से हैं :- 1. चंदा-धंधा निषेध : संस्थागत मंतव्य कि सेवा कार्यों हेतु नातो कभी किसी से फ्री में चंदा लेंगे व नही काला धन सृजित करेंगे। अपने उपक्रमों द्वारा धन सृजित करेंगे व उस धन को सेवा कार्यों पर व्यय कर देंगे। 2. सनातन एवं प्रखर बाल साहित्य का निर्माण : संस्थान द्वारा लघु सनातन पुस्तकों का मुद्रण निरंतर जारी है। सभी पुस्तकें बिना लाभ के दी जाती है जिस से सनातन संस्कृति प्रचार-प्रसार को शक्ति मिलती है। हम गर्वित हैं कि प्रथम अं० वालीसा एवं गौ माता वालीसा परिवर्तन योगेश संस्थान द्वारा ही सनातन विश्व को समर्पित किया गया है। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा प्रखर बाल साहित्य का मुद्रण भी अविरल है। बालकों में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं भारत प्रेम निरंतर प्रज्ज्वलित रहे इस हेतु लघु शिक्षाप्रद पुस्तकें उपलब्ध हैं। Hindu Culture ABCD Book अर्थात R...

Songs & Prayers

परिवर्तन योगेश गीत

हम बदलेंगे ये युग बदलेगा, यही हैं सन्देश।

हम परिवर्तन योगेश हैं – हम परिवर्तन योगेश।

है वन्देमातरम गीत हमारा

जन सेवा संगीत हमारा

लक्ष्य सत्य सनातन जीत

हैं भारत भारतीयता से प्रीत

मिलजुल हमें निज राष्ट्र बढ़ाना, यही हैं उद्देश्य।

हम परिवर्तन योगेश हैं – हम परिवर्तन योगेश।

खुद के कंधों पर हमें उठाना

है नहीं भूलना नहीं भुलाना

रखना हमें ध्वज धरा का मान

चाहे देना हो बलिदान

मातृभूमि पर बलि बलि जाएँ, गढ़ना हैं परिवेश।

हम परिवर्तन योगेश हैं – हम परिवर्तन योगेश।

मत भेद हो चाहे जितना भी

मन भेद न हम होने देंगे

एक अकेला थक न जाये

हम न अकेला होने देंगे

हर कदम ताल पर भारत की जय, सुनेगा अपना देश।

हम परिवर्तन योगेश हैं – हम परिवर्तन योगेश।

सुदर्शन सभा गीत

वन्दे मातरमिस्त्युक्वा, जनगणमन् गायताम्।

सत्यमेव जयेत् नित्यं, सत्यधर्म समाश्रयेत्॥

वसुधैव कुटुम्बकम्, भारतं मम मातुकम्।

समविधानं राष्ट्रस्य, सर्वेषां हितकारकम्॥

सुदर्शन: समागमश्च, राष्ट्रैक्यस्य कारणम्।

सत्यं सनातनं धर्मः, मानवस्याभवर्धनम्॥

न मम जातिर्न मम भेदः, भारतीय: मम नाम।

भारतं मम कर्मभूमि, भारतं मम धाम॥

एकं राष्ट्रं, एकं भावं, एकं भारतमुत्तमम्।

सत्यं, सेवा, समता, धर्मः:

एतद् भारतस्य मङ्गलम्॥

सुदर्शन सभा प्रार्थना

हे ! वात्सल्यमयी मम मातृभूमि, नमामि,

नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते ।।

स्नेह, ममता से सीचा तुम्ही ने

स्वधर्म धरा बन पाला तुम्हें ने

अर्पण, समर्पण सहारा तुम्ही हो

हम हैं तुम्हारे, हमारा तुम्ही हो

हे ! ममतामयी आस्था पुण्य भूमि, नमामि,

नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते ।।

सत्य सनातन परम पूज्य दृष्टि

सेवा सत्कार प्रकृतिमय सृष्टि

दया से शौर्य की थाती तुम्ही हो

हमारे रंग रूप की मोटी तुम्ही हो

हे सन्त सनातन ऋषि मुनि भूमि, नमामि,

नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते ।।

सर्वेभवन्तु सुखीनम की पूजा

विनय ,पराक्रम की पाठ ऊर्जा

गौरव की यशस्वी गाथा तुम्ही हो

हम जन जन की माता तुम्ही हो

हे समता सम्मान में बहुपंथ दात्री, नमामि,

नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते ।।

कटिबध्य हो राह काटे चुने हम

राष्ट्रहित में कोटि शीश झुके हम

ॐ ऋषि तन-मन समर्पित तुम्हें हो।

परिवर्तन योगेश से निज गौरव हमें हो।

हे मातृ भूमि, कर्म भूमि भारत, नमामि,

नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते ।।

युवा बल गीत

हम "परिवर्तन योगेश" युवा बल,उस आंगन के पहरेदार ।
जिस आँगन में गूँजे हर पल,भारत माँ की जय जयकार ।
यही व्रत हैं  यही  हैं पूजा
यही    निष्ठां    हमारी   हैं
मान कभी न घटे हिन्द का
जब तक जान  हमारी   हैं
मिलके कहेंगे -एक स्वर में कहेंगे, और  कहेंगे  बारमबार ।
हम "परिवर्तन योगेश " युवा बल,उस आंगन के पहरेदार ।
जिस आँगन में गूँजे हर पल,भारत माँ  की जय जयकार ।
क्षमा, दान और त्याग ,प्रेम का
बेशक   हम   तो   पुजारी   हैं
पर  बुरी  नजर  से   जो   देंखे
हम  सब  उस  पर   भारी   हैं
विश्वास करेंगे-पर ना बचेंगे ,जिनसे छले गये हैं बारमबार ।
हम "परिवर्तन योगेश" युवा बल ,उस आंगन के पहरेदार ।
जिस आँगन में गूँजे हर पल,भारत माँ  की जय जयकार ।
सत्य  सनातन  वन्दे मातरम
सोते उठते जय जय श्रीराम
निज माटी हैं जननी अपनी
हैं रक्षा  सुरक्षा अपना काम
नही भूलें हैं --नहीं भूलेंगे ,  बलिदान दिए हैं  बारमबार ।
हम "परिवर्तन योगेश" युवा बल,उस आंगन के पहरेदार ।
जिस आँगन में गूँजे हर पल,भारत माँ की जय जयकार ।
संस्कारों के पथगामी बन
संस्कृति का सम्मान करेंगे
भेद रहित तन मन धन से
निज् माटी  का मान गढ़ेंगे
नमन किया  हैं - नमन  करेंगे ,ले के  तिरंगा  बारमबार ।
हम "परिवर्तन योगेश" युवा बल ,उस आंगन के पहरेदार ।
जिस आँगन में गूँजे हर पल,भारत माँ तेरी जय जयकार ।
भारत माँ  की जयजयकार ,भारत  माँ  की जयजयकार ।

Comments

Popular posts from this blog

Introduction