Substantive Change
पट्टाभिषेक क्या है: यह अखाड़ों में किसी संत/सद्गृहस्त संत , साधु या आचार्य को उच्च पद (जैसे महामंडलेश्वर, महंत, या किसी पद विशेष) पर आसीन करने की एक औपचारिक और संवैधानिक-जैसी पदग्रहण विधि है।
प्रक्रिया: ठीक जैसे राजा का राज्याभिषेक होता है, वैसे ही संत को मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से उस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
पहचान: इस दौरान संत को अखाड़े की ओर से एक विशेष 'चादर' उड़ाई जाती है, जिसे पट्टा कहा जाता है (इसीलिए इसे पट्टाभिषेक कहते हैं)। इसके बाद उन्हें नया नाम, पद और अखाड़े में विशेष सम्मान मिलता है।
महर्षि सत्य सनातन अखाड़े द्वारा पट्टाभिषेक संस्कार:
महर्षि सत्य सनातन अखाड़े के अंतगर्त महामंडलेश्वर एक सर्वोच्च पद/उपाधि है। विवाह संस्कार की तरह पट्टाभिषेक संस्कार भी एक सनातन पद्धति है। इस पद हेतु आपका राष्ट्र व धर्म के प्रति समर्पण एवं अनुशासित होना अनिवार्य है। पट्टाभिषेक संस्कार में व्यय होता है। अपने विषय में सम्पूर्ण परिचय देकर हमें आश्वस्त करें।
परिवर्तन योगेश संस्थान द्वारा महर्षि सत्य सनातन अखाड़े की स्थापना इसलिए की गई है कि तांकि अन्य अखाड़ों द्वारा अयोग्य जनों को पैसे के लालच में दी जाने वाली पद/उपाधियों पर अंकुश लगाया जाये। पट्टाभिषेक संस्कारों पर अवश्य व्यय होता है परन्तु इतना नहीं कि लाखों करोड़ों वसूले जाएँ। अखाड़े द्वारा सामूहिक पट्टाभिषेक करवाए जाते हैं जिस पर एकल जन व्यय कम आता है। पद योग्यता के आधार पर ही दिया जायेगा इसलिए प्रथम अपने विषय में विस्तृत जानकारी हमें प्रेषित करें।
पट्टाभिषेक संस्कार की विधि देखें :
भाग - 1
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