Substantive Change

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प रिवर्तन संसार का नियम है यह बात भगवान श्रीकृष्ण ने कही, श्रीकृष्ण योगेश्वर हैं इसलिए इस संस्थान का नाम परिवर्तन योगेश है, जिसकी स्थापना राष्ट्र, धर्म व समाज में ठोस परिवर्तनों हेतु हुई। कुछ ठोस परिवर्तन जो संस्थान द्वारा किये जा रहे हैं वह इस प्रकार से हैं :- 1. चंदा-धंधा निषेध : संस्थागत मंतव्य कि सेवा कार्यों हेतु नातो कभी किसी से फ्री में चंदा लेंगे व नही काला धन सृजित करेंगे। अपने उपक्रमों द्वारा धन सृजित करेंगे व उस धन को सेवा कार्यों पर व्यय कर देंगे। 2. सनातन एवं प्रखर बाल साहित्य का निर्माण : संस्थान द्वारा लघु सनातन पुस्तकों का मुद्रण निरंतर जारी है। सभी पुस्तकें बिना लाभ के दी जाती है जिस से सनातन संस्कृति प्रचार-प्रसार को शक्ति मिलती है। हम गर्वित हैं कि प्रथम अं० वालीसा एवं गौ माता वालीसा परिवर्तन योगेश संस्थान द्वारा ही सनातन विश्व को समर्पित किया गया है। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा प्रखर बाल साहित्य का मुद्रण भी अविरल है। बालकों में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं भारत प्रेम निरंतर प्रज्ज्वलित रहे इस हेतु लघु शिक्षाप्रद पुस्तकें उपलब्ध हैं। Hindu Culture ABCD Book अर्थात R...

Pattabhishek Sanskar


पट्टाभिषेक क्या है: यह अखाड़ों में किसी संत/सद्गृहस्त संत , साधु या आचार्य को उच्च पद (जैसे महामंडलेश्वर, महंत, या किसी पद विशेष) पर आसीन करने की एक औपचारिक और संवैधानिक-जैसी पदग्रहण विधि है।

प्रक्रिया: ठीक जैसे राजा का राज्याभिषेक होता है, वैसे ही संत को मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से उस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

पहचान: इस दौरान संत को अखाड़े की ओर से एक विशेष 'चादर' उड़ाई जाती है, जिसे पट्टा कहा जाता है (इसीलिए इसे पट्टाभिषेक कहते हैं)। इसके बाद उन्हें नया नाम, पद और अखाड़े में विशेष सम्मान मिलता है।

महर्षि सत्य सनातन अखाड़े द्वारा पट्टाभिषेक संस्कार:

महर्षि सत्य सनातन अखाड़े के अंतगर्त महामंडलेश्वर एक सर्वोच्च पद/उपाधि है। विवाह संस्कार की तरह पट्टाभिषेक संस्कार भी एक सनातन पद्धति है। इस पद हेतु आपका राष्ट्र व धर्म के प्रति समर्पण एवं अनुशासित होना अनिवार्य है। पट्टाभिषेक संस्कार में व्यय होता है। अपने विषय में सम्पूर्ण परिचय देकर हमें आश्वस्त करें।

परिवर्तन योगेश संस्थान द्वारा महर्षि सत्य सनातन अखाड़े की स्थापना इसलिए की गई है कि तांकि अन्य अखाड़ों द्वारा अयोग्य जनों को पैसे के लालच में दी जाने वाली पद/उपाधियों पर अंकुश लगाया जाये। पट्टाभिषेक संस्कारों पर अवश्य व्यय होता है परन्तु इतना नहीं कि लाखों करोड़ों वसूले जाएँ। अखाड़े द्वारा सामूहिक पट्टाभिषेक करवाए जाते हैं जिस पर एकल जन व्यय कम आता है। पद योग्यता के आधार पर ही दिया जायेगा इसलिए प्रथम अपने विषय में विस्तृत जानकारी हमें प्रेषित करें। 

पट्टाभिषेक संस्कार की विधि देखें :

भाग - 1 

भाग - 2

भाग - 3
भाग - 4
भाग - 5
भाग - 6

महर्षि सत्य सनातन अखाड़े द्वारा ॐ रुद्राक्ष दीक्षा (5100 रु गुरु दक्षिणा)
परिवर्तन योगेश की प्रत्येक सुदर्शन सभा में "महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा के पीठाधीश्वर/पीठाध्यक्ष-आचार्य जी द्वारा ॐ रुद्राक्ष दीक्षा प्रदान की जाती है। 

ॐ रुद्राक्ष दीक्षा क्या है ? यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसके अंतगर्त काशी विश्वनाथ मंदिर से अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला एवं ॐ चालीसा प्रदान किया जाता ।

महत्व : यह शरीर और मन को शांत रखने, ध्यान में सहायता करने और रुद्राक्ष के माध्यम से एक ऊर्जावान वातावरण बनाने में मदद करता है।

प्रक्रिया: इसके लिए संस्थागत व्हाट्सप्प 9953175076 अथवा दूरभाष 01135596062 पर अपना पंजीकरण करवाना होता है। 

कौन ले सकता है ? यह दीक्षा किसी भी उम्र के महिला, पुरुष या बच्चे ले सकते हैं। रुद्राक्ष को "शिव के आँसू" माना जाता है, और यह दीक्षा उनके आशीर्वाद और सुरक्षा का अनुभव करने का एक माध्यम है। ॐ चालीसा का पठन मन को नियंत्रित कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है, ॐ रुद्राक्ष दीक्षा पिछले जन्मों के पापों और कर्मों के प्रभाव को कम करने वाली मानी जाती है। 

ॐ रुद्राक्ष दीक्षा की विधि देखें :










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